राहु काल क्या है, कैसे निकालते हैं और इसमें क्या न करें

राहु काल का नियम, वार के अनुसार तालिका, यमगंड और गुलिक काल, और शहर के अनुसार समय क्यों बदलता है - सरल हिंदी में।

अपडेट:

आपके शहर का मुफ़्त पंचांग: तिथि, नक्षत्र, राहु काल, चौघड़िया और व्रत की तारीखें। साथ में आपके जन्म नक्षत्र के अनुसार निजी मुहूर्त।

Tithivaar मुफ़्त आज़माएँ

राहु काल रोज़ आने वाला लगभग डेढ़ घंटे का समय है, जिसमें बहुत से परिवार कोई नया काम शुरू नहीं करते - सौदा, इंटरव्यू के लिए निकलना, गाड़ी की डिलीवरी, नए काम की पूजा।

नियम

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर भागों में बाँटें। वार के अनुसार एक भाग राहु काल होता है:

वारभागसुबह 6 बजे सूर्योदय पर
रविवार8वाँ16:30 - 18:00
सोमवार2रा07:30 - 09:00
मंगलवार7वाँ15:00 - 16:30
बुधवार5वाँ12:00 - 13:30
गुरुवार6ठा13:30 - 15:00
शुक्रवार4था10:30 - 12:00
शनिवार3रा09:00 - 10:30

आपका समय छपे हुए समय से अलग क्यों है

कैलेंडर का समय मानता है कि सूर्योदय ठीक 6 बजे है। असल में दिल्ली में सूर्योदय जून में लगभग 5:23 और जनवरी में 7:15 के आसपास होता है। कोलकाता का सूर्योदय अहमदाबाद से लगभग एक घंटा पहले होता है, क्योंकि पूरे भारत में एक ही टाइम ज़ोन है। इसलिए हमारा मुफ़्त पंचांग आपके शहर के असली सूर्योदय-सूर्यास्त से राहु काल निकालता है।

यमगंड और गुलिक

  • यमगंड: रवि 5वाँ, सोम 4था, मंगल 3रा, बुध 2रा, गुरु 1ला, शुक्र 7वाँ, शनि 6ठा भाग।
  • गुलिक काल: रवि 7वाँ, सोम 6ठा, मंगल 5वाँ, बुध 4था, गुरु 3रा, शुक्र 2रा, शनि 1ला भाग। मान्यता है कि गुलिक में शुरू किया काम दोहराया जाता है।

राहु काल में क्या न करें, क्या ठीक है

आमतौर पर टालते हैं: यात्रा आरंभ, नया व्यापार या नौकरी, नई खरीद की पूजा, संपत्ति या वाहन सौदा। ठीक है: रोज़ का काम, पहले से शुरू काम, राहु या दुर्गा की पूजा, और जो समय बदला न जा सके (फ़्लाइट, परीक्षा)। जो समय न बदल सके, उसके लिए छोटी प्रार्थना करके शांति से आगे बढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या राहु काल पूरे भारत में एक ही समय होता है?

नहीं। यह सूर्योदय-सूर्यास्त के बीच का भाग है, इसलिए हर शहर और मौसम में घड़ी का समय अलग होता है।

क्या राहु काल में यात्रा कर सकते हैं?

यदि समय चुन सकें तो बहुत से परिवार राहु काल में यात्रा शुरू नहीं करते। न चुन सकें तो प्रार्थना करके निकलें।

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